शिव सदा प्रत्येक प्राणी के लिए मंगलकारी हैं

भगवान शिव सदा प्रत्येक प्राणी के लिए मंगलकारी हैं। वे सभी भक्तों के लिए, सम्पूर्ण जगत के लिए शिव रूप हैं। श्मशान ही उनका घर है, भूत-प्रेत उनके सहचर हैं, चिता की भस्म को वे धारण करते हैं। इस रूप के विपरीत फिर भी वे सभी के लिए मंगलकारी हैं। उनका पूरा परिवार व उनके कहन विरोधी स्वभाव के बावजूद आपसी सद्भाव व समन्वय के प्रतीक हैं।
 
जगत का प्राणी अभिमान वश स्वयं को कर्ता मान बैठता है। उसी अभिमान को, अविधा को दूर करने के लिए धरा धाम पर श्री कृष्ण का अवतरण होता है। मोहनन्धकार की निवृत्ति ही कृष्णावतार है। कृष्ण ब्रह्मा हैं व्यक्ति जीव है।
 
आजकल डिप्रेशन एक बीमारी के रूप में तेजी से बढ़ रहा है। डिप्रेशन का मुख्य कारण नकारात्मक चिंतन होता है। जब हम अपने को आत्मनिश्चय कर सकारात्मक ज्ञान, गुण और शक्ति के स्त्रोत सर्व आत्माओं के पिता निराकार परमपिता परमात्मा से राजयोग द्वारा मन और बुद्धि का नाता जोड़ेंगे तो हमारी नकारात्मक सोच समाप्त हो जाएगी।
Copyright © The Lord Shiva. All Rights Reserved.